मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

बाकि के ९९ रुपये कहा है

एक मंत्रीजी भाषण दे रहे थे,उसमे उन्होंने एक कहानी सुनाई...

एक व्यक्ति के तीन बेटे थे... उसने तीनों को १००-१०० रुपये दिए,और ऐसी वस्तु लेन को कहा जिससे कमरा पूरी तरह भर जाये !
"पहला पुत्र १०० रुपये की घास लाया...पर कमरा पूरी तरह नहीं भरा !
दूसरा पुत्र १०० रुपये की कपास लाया... उससे भी कमरा पूरी तरह नहीं भरा !
तीसरा पुत्र १ रुपये की मोमबत्ती लाया ... और उससे पूरा कमरा प्रकाशित हो गया ! "

आगे उस मंत्री ने कहा... हमारे राहुलजी उस तीसरे पुत्र की तरह है ! जिस दिन से राजनीति में आये है उसी दिन से हमारा देश उज्जवल प्रकाश और समृद्धिसे जगमगा रहा है...
.
.
.
.
तभी पीछे से अन्ना की आवाज़ आई... " बाकि के ९९ रुपये कहा है ? " !

मंगलवार, 27 मार्च 2012

स्वतंत्रता :

एक व्यक्ति किन्हीं महात्मा के पास गया और उनसे पूछा, "क्या मनुष्य स्वतन्त्र है? यदि वह स्वतन्त्र है तो कितनास्वतन्त्र है?क्या उसकी स्वतंत्रता की कोई परिधि है? भाग्य, किस्मत, नियति, दैव आदि क्या है? क्या ईश्वर ने हमेंकिसी सीमा तक बंधन में रखा है?"

लोगों के प्रश्नों के उत्तर देने की महात्मा की अपनी शैली थी. उन्होंने उस व्यक्ति से कहा, "खड़े हो जाओ".

यह सुनकर उस व्यक्ति को बहुत अजीब लगा. उसने सोचा, "मैंने एक छोटी सी बात पूछी है और ये मुझे खड़ा होने केलिए कह रहे हैं. अब देखें क्या होता है". वह खड़ा हो गया.

महात्मा ने उससे कहा, "अब अपना एक पैर ऊपर उठा लो".

यह सुनकर उस व्यक्ति को लगा कि वह किसी अहमक के पास चला आया है. मुक्ति और स्वतंत्रता से इसका क्यासंबंध है!? लेकिन अब वह फंस तो गया ही था. वह उस जगह अकेला तो था नहीं. आसपास और लोग भी थे. महात्मा का बड़ा यश था. उनकी बात मानना उनका अनादर होता. और फिर उसमें कोई बुरी बात भी थी. इसलिए उसने अपना एक पैर ऊपर उठा लिया. अब वह सिर्फ एक पैर के बल खड़ा था.

फिर महात्मा ने कहा, "बहुत बढ़िया. अब एक छोटा सा काम और करो. अपना दूसरा पैर भी ऊपर उठा लो".

"यह तो असंभव है!", व्यक्ति बोला, "ऐसा हो ही नहीं सकता. मैंने अपना दायाँ पैर ऊपर उठाया था. अब मैं अपनाबायाँ पैर नहीं उठा सकता".

महात्मा ने कहा, "लेकिन तुम पूर्णतः स्वतन्त्र हो. तुम पहली बार अपना बायाँ पैर उठा सकते थे. ऐसा कोई बंधननहीं था कि तुम्हें दायाँ पैर ही उठाना था. तुम यह तय कर सकते थे कि तुम्हें कौन सा पैर ऊपर उठाना है. मैंने तुम्हेंऐसा कोई निर्देश नहीं दिया. तुमने ही निर्णय लिया और अपना दायाँ पैर उठाया."

"अपने इस निर्णय में ही तुमने अपने बाएं पैर को उठाना असंभव बना दिया. यह तो बहुत छोटा सा ही निर्णय था. अब तुम स्वतंत्रता, भाग्य और ईश्वर की चिंता करना छोड़ो और मामूली चीज़ों पर अपना ध्यान लगाओ".

मशवरा

अपनी उम्र को आधा करके बताना, अपने कपड़ों की कीमत को दोगुना करके बताना और सहेली की उम्र में पांच साल जोड़कर बताना, दुनिया की अनपढ़ से अनपढ़ महिला भी इतना गणित तो जानती ही है।
********

कुछ फिल्मी सुन्दरियां मन्दिर में भी धूप का चश्मा पहनकर जाती हैं; उन्हें डर लगा रहता है कि कहीं भगवान उन्हें पहचान कर ऑटोग्राफ न मांग बैठें।
********

नाश्ते से पहले कुछ काम न करो; अगर नाश्ते से पहले कुछ करना ही पड़े, तो पहले नाश्ता करो।
********

अपनी आमदनी के अन्दर खर्च करो चाहे इसके लिये तुम्हें कर्ज ही क्यों न लेना पड़े।
********

बाबा आदम के जमाने से ही बेवकूफ बहुमत में रहते आये हैं।
********

आदमी की आधी जिंदगी उसके माता-पिता बिगाड़ देते हैं, बाकी आधी उसके बच्चे।
********

कई बीवियां रखने में एक फायदा है; वे अपने पति से लड़ने की बजाय आपस में ही लड़ती रहती हैं।
********

अगर बुरे लोग न होते, तो अच्छे वकील न मिलते।
********

मानवजाति का अन्त यह होगा कि आखिर एक रोज वह सभ्यता से घुट मरेगी।
********

दुनिया में तीन चीजें हैं जिन्हें औरतें नहीं समझतीं – आजादी, बराबरी और भाईचारा।
********

हर औरत को शादी करनी चाहिये- पर मर्द को हरगिज नहीं।
********

अगर आप किसी बार बार आने वाले दुष्ट से पिण्ड छुड़ाना चाहते हैं तो उसे कुछ पैसा उधार दे दीजिये।
********

आदमी जवानी में सोचता है कि पैसा सबसे अहम चीज है और बुढ़ापे में यह हकीकत उस पर खुल जाती है।
********

पत्ते अच्छे हों तो आदमी ईमानदारी से खेलना पसंद करता है।
********

दुनिया में दो ही ट्रेजडी हैं : एक आप इच्छित वस्तु को पा न सकें; दूसरी उसे पा जायें।
********

काम दुनिया में सबसे बड़ी चीज है, इसलिये हमें चाहिये कि हमेशा कल के लिये भी रहने दिया करें।
********

महिलाएं हमेशा पुरुषों के भूलने की आदत से परेशान रहती हैं, जबकि पुरुष महिलाओं की याद रखने की आदत से पीड़ित ।
********

चूंकि प्रकाश की गति ध्वनि से तेज होती है इसलिए लोग तब तक अधिक सुन्दर प्रतीत होते हैं जब तक कि आप उन्हें बोलता हुआ न सुन लें।
********

यदि आप किसी को समझा नहीं पा रहे हैं, तो उसे उलझा दें।
********

यदि आप पहली बार में सफल न हों, तो अपनी असफलता के सारे चिन्ह मिटा दें।
********

जिसे मृत्यु कहते हैं, वह चीज है जिस पर लोग रोते हैं, फिर भी एक तिहाई जीवन सोने में गुजार दिया जाता है।
********



गुरुवार, 22 मार्च 2012

चुटकुले

योजना आयोग के अध्यक्ष की गाड़ी गलती से रेड लाइट पर रुक गई



भिखारीः सर एक रुपया दीजिए...रोटी खानी है


अध्यक्षः मैं तुम्हें सौ रुपए दूंगा तुम बस ये बता दो कि हमारी सरकार के होते हुए एक रुपए में रोटी मिल कहां रही है।
================

तीन दोस्त एक ऊंची ईमारत की सौवीं मंजिल पर रहते थे।

एक दिन बेचारे काम से घर लौटे तो लिफ्ट काम नहीं कर रही थी।

दोस्तों ने सीढ़ियों से ऊपर जाने का फैसला किया

पहली 50 मंजिलों तक एक दोस्त ने एक्शन फिल्म की स्टोरी सुनाई और समय कट गया। इसके बाद 99वीं मंजिल

तक दूसरे दोस्त ने एक रोमांटिक फिल्म की स्टोरी सुनाई...

लेकिन 100वीं मंजिल पर फ्लैट के बाहर छोड़कर तीसरे दोस्त ने सिर्फ एक लाइन सुनाई कि तीनों की आंख में आंसू आ

गए...

उसने कहा....मै चाबी कार में ही छोड़ आया हूं।
================

संता फॉयर ब्रिगेड में भर्ती ही हुआ था कि एक फोन आ गया

कॉलरः जल्दी आईये मेरे घर में आग लगी है


संताः आग बुझाने के लिए जल्दी से पानी डालो


कॉलरः मैंने डाला था लेकिन नहीं बुझी


संताः फिर हम आकर क्या करेंगे, हमने भी तो पानी ही डालना है।
================

पापा: बेटा, मेरे लिए एक गिलास पानी लाना!


छोटा बेटा: नहीं लाऊंगा!


बड़ा बेटा: रहने दो पापा! ये तो है ही बदतमीज!


आप खुद ले लो और मेरे लिए भी लेते आना!
================

एक बार सलमान खान बाबा कामदेव के पास गए

सलमानः कितने प्रतिशत युवक सोचते हैं कि मेरी और कैटरीना की शादी होगी
बाबा कामदेवः 10 प्रतिशत
सलमानः सिर्फ दस प्रतिशत, ऐसा क्यूं
बाबा कामदेवः क्योंकि बाकी के 90 प्रतिशत युवक कैटरीना से खुद शादी करना चाहते हैं।
================

एक मोबाइल कंपनी के सेल्समैन को दस्त हो गए। वो सीधा डॉक्टर के पास गया

सेल्समैनः डॉक्टर सॉब सुबह से ही अनलिमिटेड आउटगोइंग चल रही है। अंदर से नई-नई रिंगटोन सुनाई दे रही है। पेट

में बेंलैंस भी खत्म हो गया है। छोटा रिचार्ज भी करता हूं तो पांच मिनट में ही डिस्चॉर्ज हो जाता है। कृपया करके इस

स्कीम को किसी भी तरह बंद करें।
================

संता-बंता जैसे ही स्टेशन पहुंचे ट्रैन चलने लगी

संता भागकर ट्रैन में चढ़ गया। लोग बोले वाह क्या बात है

यह सुनते ही संता बोलाः ओए शिट्ट यार...जिसने जाना था वो तो पीछे ही रह गया।
================

एक सरकारी कर्मचारी का बेटा अपने दो दोस्तों के साथ स्कूल से घर लौट रहा था और रास्ते में आते हुए वे अपने घर के बारे में बातचीत कर रहे थे बात करते करते वे अपने अपने पापा के बारे में बात करने लगे!


पहला दोस्त अरे मेरे पापा से तेज तो दुनिया में कोई भी नही है वे 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से गेंद फेंकते हैं और जब तक यह दूसरी तरफ के विकेट तक पहुंचती है तब तक मेरे पापा उसे भागकर पकड़ लेते है!


दूसरा लड़का अरे मेरे पापा तो तुम्हारे पापा से कई गुना तेज है वे इतने तेज है कि जब वे गोली चलाते है तो टार्गेट पर पहुंचने से पहले ही भागकर उसे पकड़ लेते है!


सरकारी कर्मचारी का बेटा बोला अरे ...तुम दोनों के पापा तो मेरे पापा के सामने कुछ भी नही मेरे पाप सरकारी कर्मचारी है हालांकि वे रोज 5 बजे तक काम करते है फिर भी 4 बजे घर पहुंच जाते है!
================

परेशान संता कुए के पास बैठा था कि एक मेंढ़क बाहर आया


संता (मेढ़क से)- यार मुझमे ऐसा क्या है कि सब मुझी पर जोक्स बनाते हैं


यह सुनकर मेढ़क कुछ नहीं बोला, वापस कुए में कूद गया


संताः यार इसमें आत्महत्या करने वाली क्या बात थी।
================

प्रिय भगवान,


मुझे शक्ति और बुद्धी दे ताकि मैं...

आयकर
जीएसटी
वैट
सीएसटी
सर्विस टैक्स
एक्साइज ड्यूटी
कस्टम्स ड्यूटी
टीडीएस
ईएसआई
प्रापर्टी टैक्स
स्टांप ड्यूटी
सीजीटी
वॉटर टैक्स
मनोरंजन कर
गिफ्ट टैक्स
प्रैफेशनल टैक्स
रोड टैक्स
टोल टैक्स
एसटीटी
एजुकेशन सैस
वेल्थ टैक्स
कैपिटल गैन टैक्स


कंजेशन लैवी...और आदि-आदि प्रकार के टैक्स चुका सकूं

और साथ में
हफ्ता
चंदा
रिश्वत
डोनेशन
करप्शन शुल्क आदि-आदि भी वक्त पर बिना अपनी जान खतरे में डाले अदा कर सकूं...

और यदि यह सब चुकाने के बाद भी कुछ (धन और जान) बच जाए...तो व्यापार कर सकूं

तुम्हारा अपना
आम नागरिक
================

शनिवार, 17 मार्च 2012

हसी के गुब्बारे

लड़का :- सर,मै आपकी बेटी से पिछले १५ साल से प्यार करता हु।
लड़की का बाप :- तो अब क्या चाहते हो ?
लड़का :- शादी
लड़की का बाप :- थैंक्स गॉड, मैंने सोचा शायद तुम पेनशन चाहते हो ।
***************

एक युवक एक युवती को डिनर पे ले जाने वाला था।
युवती ने एक महंगे और प्रसिद्द होटल में चलने का प्रस्ताव रखा
"वह बहोत भीड़ होने लगी है अब ।" युवक ने बताया - "अब तो वह कोई भी नहीं जाता । "
***************

एक युवक एक पुलिसवाले के साथ मारपीट, हाथापाई, करने के जुर्म में अदालत में पेश किया गया ।
जज - क्या हुआ था ?

युवक - जनाब, मै टेलीफ़ोन बूथ में था, और एकदम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी गर्लफ्रेंड रीना से बात कर रहा था । तभी ये सांड जैसा पुलिसिया वह पहुच गया और न जाने इसे फ़ोन करने की ऐसी क्या जल्दी थी की इसने मेरी बाह पकड़कर मुझे बहार खीचा और सड़क पे धक्का दे दिया ।

जज - ये तो सचमुच इस पुलिसवाले की ज्यादती है । जब तुम पहले से बूथ में मौजूद थे तो ...

युवक - इसने और भी ज्यादती की सरकार ।

जज - अच्छा ? और भी ज्यादती की ?

युवक - जी, फिर इसने रीना की बांह पकड़कर उसे बहार खीचा और उसे भी सड़क पे धक्का दे दिया ...
***************

प्यारी सुषमा,
मेरे सपनो की रानी। इतने अरसे के बाद तुम्हे पत्र लिखने के लिए मजबूर हो गया हु । जबसे मैंने तुमसे सगाई तोड़ी है, सच कहता हु एक रात भी ठीक से सो नहीं पाया हु । तुमसे जुदा होने के बाद अहसास हुआ की तुम्हारे बिना जीना संभव नहीं । हर पल हर तरफ बस तुम्ही दिखाई देती हो । मै जनता हु तुम्हारा दिल बहोत बड़ा है । हर बार की तरह तुम मेरी यह भूल भी माफ़ कर दोगी । मै वापस तुम्हारे पास आ रहा हु । मुझे तुम्हारे सिवा दुनिया में और किसी की जरुरत नहीं ।

तुम्हारा और सिर्फ तुम्हारा
निरंजन

पुनश्च : सिक्किम सरकार की एक करोड़ की लोटरी जितने पे हार्दिक बधाई ।
***************

जी मिचलाने की शिकायत लेकर जब एक मां अपनी 18 वर्षीया पुत्री को लेकर डॉक्टर के पास पहुंची तो पाया कि वह गर्भवती है। रोती, पीटती, कोसती हुई वह उसे घर लेकर आई और बोली – वह कौन सुअर का बच्चा है जिसने यह कुकर्म किया है। जल्दी से उसे यहां बुला नहीं तो तुझे जान से मार दूंगी।

रोते-रोते लड़की ने एक फोन लगाया। लगभग आधे घण्टे बाद एक मर्सडीज दरवाजे पर आकर रुकी । उसमें से एक सुन्दर सा नौजवान निकला और अन्दर आकर सोफे पर बैठ गया। बोला – मैं ही वह आदमी हूं जिसकी वजह से आपको परेशानी हुई है। मैं आप लोगों का अपराधी हूं। लेकिन मैं उसका दण्ड भुगतने को तैयार हूं। देखिये, आपकी बेटी से शादी करना तो सम्भव नहीं है क्योंकि उसके लिए मेरे पिता कभी तैयार नहीं होंगे। पर मैं पैसे से आपकी मदद कर सकता हूं। मैं आपकी बेटी की सारी जिंदगी की जिम्मेदारी लेता हूं। अगर उसके लड़की हुई तो मैं उसके नाम दस करोड़ रु., एक बंगला, एक गाड़ी और एक नई फैक्टरी लगवा दूंगा। अगर लड़का हुआ तो उसके नाम बीस करोड़ रु, मुंबई और दिल्ली दोनों शहरों में एक-एक आलीशान कोठी और एक बहुत बड़ी फैक्टरी बनवा दूंगा। और अगर बदकिस्मती से गर्भपात हो गया तो ……. तो आप ही बताइये मुझे क्या करना चाहिए ?

लड़की का पिता, जो अब तक चुपचाप उसकी बातें सुन रहा था, धीरे से उठा और नौजवान का हाथ अपने हाथ में लेकर नरमी से बोला – बेटा ! भगवान न करे ऐसा हो ! और अगर हो भी जाए तो तुम दोबारा कोशिश करके देख सकते हो ……………..
***************

जी मिचलाने की शिकायत लेकर जब एक मां अपनी 18 वर्षीया पुत्री को लेकर डॉक्टर के पास पहुंची तो पाया कि वह गर्भवती है। रोती, पीटती, कोसती हुई वह उसे घर लेकर आई और बोली – वह कौन सुअर का बच्चा है जिसने यह कुकर्म किया है। जल्दी से उसे यहां बुला नहीं तो तुझे जान से मार दूंगी।

रोते-रोते लड़की ने एक फोन लगाया। लगभग आधे घण्टे बाद एक मर्सडीज दरवाजे पर आकर रुकी । उसमें से एक सुन्दर सा नौजवान निकला और अन्दर आकर सोफे पर बैठ गया। बोला – मैं ही वह आदमी हूं जिसकी वजह से आपको परेशानी हुई है। मैं आप लोगों का अपराधी हूं। लेकिन मैं उसका दण्ड भुगतने को तैयार हूं। देखिये, आपकी बेटी से शादी करना तो सम्भव नहीं है क्योंकि उसके लिए मेरे पिता कभी तैयार नहीं होंगे। पर मैं पैसे से आपकी मदद कर सकता हूं। मैं आपकी बेटी की सारी जिंदगी की जिम्मेदारी लेता हूं। अगर उसके लड़की हुई तो मैं उसके नाम दस करोड़ रु., एक बंगला, एक गाड़ी और एक नई फैक्टरी लगवा दूंगा। अगर लड़का हुआ तो उसके नाम बीस करोड़ रु, मुंबई और दिल्ली दोनों शहरों में एक-एक आलीशान कोठी और एक बहुत बड़ी फैक्टरी बनवा दूंगा। और अगर बदकिस्मती से गर्भपात हो गया तो ……. तो आप ही बताइये मुझे क्या करना चाहिए ?

लड़की का पिता, जो अब तक चुपचाप उसकी बातें सुन रहा था, धीरे से उठा और नौजवान का हाथ अपने हाथ में लेकर नरमी से बोला – बेटा ! भगवान न करे ऐसा हो ! और अगर हो भी जाए तो तुम दोबारा कोशिश करके देख सकते हो ……………..
***************

बुधवार, 14 मार्च 2012

कुछ शायरी...

तस्वीरो का रोग भी आखिर कैसा होता है
तन्हाई में बात करे तो बोलने लगती है ...
**********

चलेगे साथ लेकिन उम्र भर मिल न पायेगे
नदी के दो किनारों की कहानी भी निराली है ...
**********

गमे-ऐ-ज़िन्दगी से फुर्सत ही न मिली वरना
अगर हम किसी के होते तो सिर्फ तुम्हारे होते ...
**********

गरीबो की बस्तिया है कहाँ से शोखिया लाऊ,
यहाँ बच्चे तो रहते है मगर बचपन नहीं रहता...
**********

गर नींद पूरी करे तो पूरी रोटी न कमाई जाये,
और जब पूरी रोटी न मिले तो पेट नींद खा जाये...
गरीब के घर में भी बंटवारा होता है रोज़...
**********

उसको सजने की, सवरने की, ज़रूरत ही नहीं..
उसपे जचती है, 'हया' भी किसी जेवर की तरह...
**********

ताबीर ही सोचते रहे हम अधूरे खाव्बो की,
और नींद आँखों की देहलीज पर तड़पती रह गयी...
**********
आज भी बैठा था वो, मेरे पीठ पीछे ही,
लोगों की भीड़ थी वरना खंज़र चलाता आज भी...
**********

दिन भर, रात भर, क्या बताऊँ मैं कैसी कशमकशों में रहता हूँ,
वो याद आने की जिद पे रहता है, मैं भूलने की कोशिशो में रहता हूँ...
**********

होशियार

एक अमरीकी नागरिक ने एक यहूदि से पूछा
“तुम लोग इतने होशियार कैसे बन गए?”

यहूदी ने कहा: “हम एक विशेष तेल का प्रयोग करते हैं और रोज सर पर लगाकर मालिश करते हैं। तुम चाहो तो एक शीशी तुम्हें बेच सकता हूँ।

अमरीके ने बडी खुशी से पैसे देकर तेल खरीदी।
दूसरे ही दिन वह वापस आकर यहूदी से कहा ” अरे यह तो केवल मूँगफ़ली का तेल है”

यहूदी ने जवाब दिया “देखा? एक ही दिन में तुम भी होशियार बनने लगे हो”